Introduction
श्रम उत्पादन का एक अनिवार्य साधन हैं। इसकी आपूर्ति देश की कार्यशील जनसंख्या द्वारा होती है। यह कार्यशील जनसंख्या ही मानवीय संसाधन है तथा इसके निवेश को मानव पूँजी की संज्ञा दी गई है। किसी देश की जनसंख्या मानवीय पूँजी का रूप तब लेती है जब हम उसके विकास में धन का निवेश करते हैं मनुष्य के बौद्धिक योग्यता, कौशल तथा शारीरिक क्षमता में सुधार होने से मानवीय पूँजी का भंडार बढ़ता है, क्योंकिइससे हमारी भावी उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है
Task
- छात्रों को दो वर्ग समूह में विभाजित करेंग।
- पहले समूह को भौतिक पूँजी में क्या क्या कार्य आते है वो पता लगाएंगे।
- दूसरे समूह को मानवीय पूँजी में कौन कौन से कार्य आते है वो पता लगाएंगे।
Process
- छात्रों समूह में बैठकर , परिचर्चा कर भौतिक पूँजी एवं मानवीय पूँजी पता लगाएंगे।
- छात्रों को 📄 एवं ✏️ दी जाएंग।
Evaluation
- शिक्षक देखेंगे के छात्र जानकारी को हासिल करने में कितने सक्षम हैं
- शिक्षक देखेंगे के छात्रों के द्वारा इकट्ठा की गई जानकारी कितनी सही है।
Conclusion
मानवीय पूँजी एवं भौतिक पूंजी में अंतर
- भौतिक पूंजी उत्पादन का एक निष्क्रिय साधन है इसके विपरीत मानव पूंजी सक्रिय होती है जो भौतिक पूंजी को उत्पादन के योग्य बनाती है।
- भौतिक पूंजी के क्रेता उसके स्वामी हो जाते हैं लेकिन मानव पूंजी को उनके स्वामी से पृथक नहीं किया जा सकता।
- भौतिक पूंजी उत्पादन का निर्जीव साधन है उत्पादक उसे अपनी इच्छा अनुसार काम में लगा सकता है लेकिन मानवीय पूंजी सजीव है उसके कार्य पर मानवीय भावनाओं का प्रभाव पड़ता है।
Teacher Page
इस पाठ से संबंधित जानकारी भारती भवन किताब कक्षा 9 से ली गई है